उपपद - विभक्ति के आधार पर अनुवाद
परिभाषा - किसी विशेष शब्द या धातु के कारण जो विशेष विभक्ति का Use / प्रयोग किया जाता है। उसे उपपद विभक्ति कहते है।
द्वितीया - उपपदविभक्तिः
1. परितः - चारो ओर ।
1) नगर के चारों ओर मार्ग हैं।
उत्तरम् - नगरं परितः मार्गाः सन्ति।
2. समया/ निकषा - समीप / पास (Near)
1) गाँव के समीप नदी है।
उत्तरम् - ग्रामं समया/निकषा नदी अस्ति।
3. प्रति - की ओर
1) बालक विद्यालय की ओर जाता है।
उत्तरम् - बालकः विद्यालयं प्रति गच्छति ।
4. उभयतः - दोनों ओर
1) नदी के दोनों ओर अनेक वृक्ष हैं।
उत्तरम् - नदीम् उभयतः अनेके वृक्षाः सन्ति ।
Note - पुंल्लिङ्गम् - अनेके
नपुंसकलिङ्गम्. - अनेकानि
स्त्रीलिङ्गम् - अनेकाः
5. धिक् - धिक्कार है ।
1) झूठ बोलने वाले को धिक्कार है।
उत्तरम् - असत्यवादिनम् धिक् ।
6. विना - बिना। (Note - द्वितीया , तृतीया , पञ्चमी विभक्ति भी होगी।)
1) जल के बिना जीवन नहीं है।
उत्तरम् - जलं/ जलेन / जलात् विना जीवनं न अस्ति ।
7. गम् (गच्छ) - जाना (जहां जाने के लिए use किया जाए वहां द्वितीया विभक्ति होगी)
1) बालक विद्यालय जाता है।
उत्तरम् - बालकः विद्यालयं गच्छति ।
Note - ' आलय ' से बने शब्द हमेशा पुंल्लिङ्ग में होते हैं।
8. रक्ष् - रक्षा करना ।
1) सैनिक देश की रक्षा करते हैं।
उत्तरम् - सैनिकाः देशं रक्षन्ति ।
Note - जिससे रक्षा की जाए उस में पञ्चमी विभक्तिः होगी ।
तृतीया - उपपदविभक्तिः
9. सह/साकम्/समम्/सार्धम् - के साथ (Together)
1) कृष्ण बलराम के साथ मथुरा गया।
उत्तरम् - कृष्णः बलरामेण सह मथुराम् अगच्छत् ।
10. अलम् - बस करो / मना करना / निषेध
1) झूठ मत बोलो ।
उत्तरम् - मिथ्या/असत्यभाषणेन अलम् ।
11. हीनः - रहित
1) वह ज्ञान से रहित है।
उत्तरम् - सः ज्ञानेन हीनः अस्ति ।
12. सदृश - समान ( विशेषण - Adjective )
1) विद्या के समान धन नहीं है।
उत्तरम् - विद्यया सदृशं धनं न अस्ति ।
2) सीता माता के समान है।
उत्तरम् - सीता मात्रा सदृशी अस्ति ।
Note - पुंल्लिङ्गम् - राम - सदृशः
नपुंसकलिङ्गम् - फल - सदृशम्
स्त्रीलिङ्गम् - नदी - सदृशी
-> अगर आपको "सदृश" उपपद विभक्ति का use करना नहीं आता है तो इव (समान/same) का भी use कर सकते है।
" इव " यह अव्यय पद है जिसका अर्थ होता है समान ।
चतुर्थी - उपपदविभक्तिः
13. नमः - नमस्कार ।
1) गणेश को नमस्कार । 2) शिव को नमस्कार ।
उत्तरम् - (श्री) गणेशाय नमः । (ॐ) शिवाय नमः
14. दा (यच्छ्) - देना। (Note - जिस को दिया जाए उसमें चतुर्थी उपपद-विभक्ति होगी)
1) शिक्षक बालक को पुस्तक देता है।
उत्तरम् - शिक्षकः बालकाय पुस्तकं ददाति / यच्छति ।
15. रुच् - पंसद आना / अच्छा लगना / रुचि होना ।
1) भगवान को भक्ति अच्छी लगती है।
उत्तरम् - देवाय भक्तिः रोचते।
16.कुप् / क्रुद्ध - गुस्सा / क्रोध करना । (कुप् - कुप्यति। क्रुद्ध - क्रुद्धयति। )
1) पिता पुत्र पर क्रोध करता है।
उत्तरम् - पिता/जनकः पुत्राय कुप्यति।
17. स्वस्ति - कल्याण/भला/अच्छा हो।
1) छात्रों का कल्याण हो।
उत्तरम् - छात्रेभ्यः स्वस्ति।
पञ्चमी-उपपदविभक्तिः
18. "भी" धातु - डरना। (लट् लकार में बिभेति )
(Note - जिस से डर लगे उस में पञ्चमी विभक्ति होगी।)
1) हिरण बाघ से डरता है।
उत्तरम - मृगः ( हरिणः) व्याघ्रात् बिभेति।
19. रक्ष् धातु - रक्षा करना ।
( Note - जिस से रक्षा की जाए उस में पञ्चमी उपपद विभक्ति होगी। )
1) माता बालक की सांप से रक्षा करती है।
उत्तरम् - माता/अम्बा/जननी बालकस्य सर्पात् रक्षति।
Note - सामान्य अर्थ में रक्ष् धातु में द्वितीया- उपपद विभक्ति का प्रयोग किया जाता है।
20. बहिः - बाहर ।
( Note - जिस से बाहर हो उसमें पञ्चमी - उपपद विभक्ति होगी ।
अधिकतर स्थानवाची शब्दों के साथ इस का प्रयोग/ use किया जाता है। )
1) मैं मेरे घर से बाहर हूँ।
उत्तरम् - अहं मम गृहात् बहिः अस्मि।
( Note - हमेशा एक प्रश्न पूछना है कि किस से बाहर है ?
यदि इस प्रश्न का उत्तर मिल जाता है तो उसी शब्द में ही पञ्चमी उपपद विभक्ति होगी। अगर उत्तर नहीं मिलता है तो वहां पर पञ्चमी विभक्ति भी नहीं लगेगी।)
21. ऋते - विना। ( विना और ऋते दोनों का अर्थ Same/ समान है।)
1) ईश्वर के बिना मेरा कोई भी रक्षक नहीं है।
उत्तरम् - ईश्वरात् / देवात् ऋते मम कोsपि रक्षकः न अस्ति ।
षष्ठी-उपपदविभक्तयः
22. उपरि - ऊपर । Note - जिस के ऊपर)
1) कलम (pen) टेबल के ऊपर है।
उत्तरम् - कलमं (लेखनी) उत्पीठिकायाः उपरि अस्ति।
2) मेरे ऊपर पंखा है।
उत्तरम् - मम उपरि व्यजनम् अस्ति।
23. अधः - नीचे । (Note - जिस के नीचे )
1) पेड़ के नीचे हिरण है।
उत्तरम् - वृक्षस्य अधः मृगः अस्ति।
24. पुरतः - सामने (से) ( Note - जिस के सामने )
1) मेरे सामने मेरा दोस्त है।
उत्तरम् - मम पुरतः मम मित्रम् अस्ति।
25. पृष्ठतः - पीछे से ( Note - जिस के पीछे)
1) सैनिकों के पीछे से हमला हुआ ।
उत्तरम् - सैनिकानां पृष्ठतः आक्रमणम् अभवत्।
सप्तमी - उपपदविभक्तयः
26. स्निह् धातु - प्रेम करना । (note - जिस से प्रेम किया जाए। )
1) माँ बेटे से प्रेम करती है।
उत्तरम् - अम्बा / माता / जननी पुत्रे स्निह्यति ।
27. निपुणः - कुशल/ Expert ( Note - जिस में Expert हो उसमें)
1) रामानुजन गणित में कुशल था।
उत्तरम् - रामानुजनः गणिते निपुणः आसीत्।
28.विश्वस् - विश्वास (Believe) करना ।
( Note - जिस पर विश्वास किया जाए उस में)
1) बालक भगवान पर विश्वास करता है।
उत्तरम् - बालकः देवे विश्वसिति।
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